हदीसों से साबित है कि इमाम महदी अलैहिस्सलाम जो कि मज़हरुल अजाइब, हजरत अली
अलैहिस्सलाम के पोते हैं, हर मक़ाम पर पहुँचते हैं और हर जगह अपने मानने वालों के
काम आते हैं। उलमा ने लिखा है कि आप ज़रूरत के वक़्त मज़हबी लोगों से मिलते हैं।
लोग उन्हें देखते हैं, यह और बात है कि उन्हें पहचान न सकें।