किताब इक्मालुद्दीन मे शेख़ सदूक़ तहरीर
फ़रमाते हैं कि सरवरे कायनात (स.) का इरशाद है कि इमाम महदी, शक्ल व शबाहत ख़ल्क़ व
ख़ुलक़, ख़सायल, अक़वाल व अफ़आल में मेरे मुशाबे होगें।
आपके हुलिये के मुताबिक़ उलमा ने लिख़ा है कि
आपका रंग गंदुम गून, क़द मियाना है। आपकी पेशानी ख़ुली हुई और आपके अबरू घने और
बाहम पेवस्ता हैं। आपकी नाक बारीक और बलन्द है। आपकी आखें बडी और चेहरा निहायत
नूरानी है। आपके दाहिने रुख़सार पर एक तिल है “ काअन्नहू कौकबुन दुर्रीयुन ” जो सितारे की
मानिन्द चमकता है। आपके दाँत चमकादार और ख़ुले हुए हैं।
आपकी ज़ुल्फ़ें कन्धों तक पड़ी रहती है। आपका सीना चौड़ा और आपके कन्धे खुले हुए
हैं। आपकी पुश्त पर इसी तरह की मुहरे इमामत सब्त है जिस तरह पुश्ते रिसालत मआब
सल्लल्लाहु अलैहि व आलिहि वसल्लम पर मुहरे नबूवत सब्त थी।