दुनिया का मशहूर वुद्धीजीवी व
गणितकार अनिस्टाइन अपनी किताब मफ़हूमें
नसबिय्यत में लिखता है कि दुनिया के लोग चाहे व किसी भी नस्ल व रंग के हों इंसानियत
के एक झंडे के नीचे प्यार, मुहब्बत, बराबरी व भाई चारे के साथ रह सकते हैं और
उन्हें रहना भी चाहिए।
उसने पूरी दुनिया के इंसानों के
लिए एक हुकूमत को इतना महत्व दिया कि यह कह दिया कि यह विभिन्न हुकूमतें चाहचे हुए
या न चाहते हुए इंसानों के समाप्त हो जाने का कारण बनेंगी।
उसके बारे में लिखा है कि
अनिस्टाइन अपनी पूरी ज़िन्दगी पूरी दुनिया के लिए एक हुकूमत का तरफ़दार था। वह अपनी
शोहरत से दुनिया वालों की आँखे खोलने की कोशिश करता था। उसका मानना था कि दुनिया के
लोग इन दो रास्तों में से किसी को चुनना चाहिए या पूरी दुनिया के लिए एक हुकूमत
बनाये जो इन्टरनेशनस अटमिक पावर को कन्ट्रोल करे या फिर यह हुकूमतें इसी तरह बाक़ी
रहे और इंसानी सभ्यता के समाप्त हो जाने का कारण बने।